ATR हादसे के बाद लंबा इंतजार! बिलासपुर एयरपोर्ट पर 2 महीने और खड़ा रहेगा विमान, नवंबर में 15 इंजीनियर करेंगे फाइनल जांच

बिलासपुर। बिलासा देवी केवट चकरभाठा एयरपोर्ट पर 28 अगस्त को लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हुआ एलायंस एयर का ATR विमान फिलहाल रनवे से हटकर उड़ान भरने की स्थिति में नहीं है। विमान की मरम्मत में अभी करीब दो महीने और लगने की संभावना है। दिल्ली से आने वाली 15 इंजीनियरों की विशेष टीम की अंतिम तकनीकी जांच के बाद ही विमान को बिलासपुर से रवाना किया जा सकेगा।
लैंडिंग के दौरान विमान का एक पहिया पूरी तरह फट गया था, जबकि दो अन्य पहियों को भी नुकसान पहुंचा था। हादसे के बाद से विमान एयरपोर्ट परिसर में ही खड़ा है।
सिर्फ पहिए नहीं, लैंडिंग गियर को भी नुकसान
हादसे के बाद एलायंस एयर की इंजीनियरिंग टीम ने विमान के क्षतिग्रस्त पहियों को बदलने के साथ उसकी तकनीकी जांच शुरू की। जांच के दौरान यह बात सामने आई कि विमान के लैंडिंग गियर को भी नुकसान पहुंचा है।
हालांकि लैंडिंग गियर को कितना नुकसान हुआ है और उसकी मरम्मत में कितना समय लगेगा, इसे लेकर एयरपोर्ट अथॉरिटी की ओर से अभी आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है।
नवंबर में आएगी 15 इंजीनियरों की टीम
जानकारी के मुताबिक, नवंबर में दिल्ली से करीब 15 इंजीनियरों की विशेष टीम बिलासपुर पहुंचेगी। मरम्मत का काम पूरा होने के बाद यह टीम विमान की अंतिम तकनीकी जांच करेगी।
फाइनल निरीक्षण में विमान को सुरक्षित पाए जाने के बाद ही उसे बिलासपुर से दिल्ली ले जाया जा सकेगा। यानी जब तक विशेषज्ञ टीम विमान को तकनीकी रूप से फिट घोषित नहीं करती, तब तक ATR एयरपोर्ट पर ही खड़ा रहेगा।
एक विमान नहीं, चार विमान मरम्मत में
बिलासपुर एयरपोर्ट पर समस्या सिर्फ दुर्घटनाग्रस्त ATR तक सीमित नहीं है। एलायंस एयर के तीन अन्य विमान भी मरम्मत के लिए भेजे गए हैं। लंबे समय से विमानों की उपलब्धता प्रभावित होने के कारण कंपनी नई उड़ानें शुरू नहीं कर पा रही है।
बताया जा रहा है कि कंपनी को हैदराबाद उड़ान के लिए स्लॉट मिलने के बावजूद पर्याप्त विमान उपलब्ध नहीं होने के कारण सेवा शुरू करने में दिक्कत आ रही है।
हादसा कैसे हुआ? अब तक आधिकारिक जवाब नहीं
ATR विमान दुर्घटना के कारणों का अब तक आधिकारिक खुलासा नहीं हुआ है। बिलासा देवी केवट चकरभाठा एयरपोर्ट के डायरेक्टर बीरेन सिंह ने बताया कि हादसा किस वजह से हुआ, इसकी उन्हें आधिकारिक जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि DGCA की जांच रिपोर्ट अब तक एयरपोर्ट प्रबंधन को प्राप्त नहीं हुई है।
हादसे के तुरंत बाद DGCA के अधिकारी बिलासपुर एयरपोर्ट पहुंचे थे और उन्होंने दुर्घटना से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच की थी। लेकिन जांच का अंतिम निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं हुआ है।
रनवे पर करीब 100 मीटर तक घिसटा था विमान
हादसे के बाद सामने आई तस्वीरों और रनवे पर बने निशानों से विमान की लैंडिंग के दौरान हुई घटना की गंभीरता का अंदाजा लगा था। बताया गया कि इमरजेंसी ब्रेक लगाए जाने के बाद विमान करीब 100 मीटर तक रनवे पर घिसटता चला गया था।
अब विमान की मरम्मत पूरी होने और नवंबर में प्रस्तावित 15 सदस्यीय इंजीनियरिंग टीम की फाइनल जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि ATR को दोबारा उड़ान के लिए तकनीकी मंजूरी मिलती है या नहीं।
